श्री खाटू श्याम जी की आरती
श्री खाटू श्याम जी की आरती: भारत की पावन भूमि पर अनेक ऐसे देव स्थल हैं जहाँ भक्तों की आस्था का सागर उमड़ता है। इन्हीं में से एक हैं राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम जी, जिन्हें हारे का सहारा कहा जाता है। खाटू श्याम जी की महिमा अपरंपार है और उनके भक्त देश-विदेश में फैले हुए हैं। खाटू श्याम जी की आरती करना उन्हें प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण तरीका है।
श्री खाटू श्याम जी की आरती: khatu shyam ji ki aarti In hindi lyrics
ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे। खाटू श्याम बाबा, भव-भय हारी, अमृत प्यारे॥
श्याम बाबा की जय हो, खाटू वाले की जय हो। लीले घोड़े चढ़कर आयो, संकट हारी जय हो॥
माथे तिलक सोहे, घुंघरू वाले श्याम। शीश पर मुकुट विराजे, अधर पर मधुर मुस्कान॥
हाथ में लेकर बंसी, गोकुल को चमकायो। नंद यशोदा के प्यारे, सब भक्तों को भरमायो॥
भक्तों की भीड़ खड़ी, दर पर तेरा ध्यान। जो कोई दर पर आवे, पूरी हो अरमान॥
धूप दीप और नेवैद्य, आरती हम गावें। तन मन धन सब अर्पण, तेरी शरण में आवें॥
जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे। खाटू श्याम बाबा, भव-भय हारी, अमृत प्यारे॥
खाटू श्याम जी की आरती करने की विधि:
खाटू श्याम जी की आरती आप सुबह और शाम, अपनी सुविधानुसार कर सकते हैं। आरती करने से पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। एक साफ स्थान पर बाबा की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें। घी का दीपक जलाएं, धूप-अगरबत्ती करें, पुष्प अर्पित करें और श्रद्धापूर्वक आरती गाएं। आरती के बाद बाबा को भोग लगाएं और उपस्थित सभी लोगों में प्रसाद बांटें।
श्री खाटू श्याम जी की आरती केवल शब्दों का गायन नहीं, बल्कि बाबा के प्रति हमारी सच्ची भावना का प्रदर्शन है। इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और बाबा श्याम की असीम कृपा का अनुभव करें। जय श्री श्याम!
श्री खाटू श्याम जी के मुख्य मंत्र
1. श्याम मूल मंत्र (Mool Mantra)
यह सबसे सरल और प्रभावी मंत्र है, जिसे ‘श्याम महामंत्र’ भी कहा जाता है।
ॐ श्री श्याम देवाय नमः।
- अर्थ (Meaning): मैं भगवान श्री श्याम देव को नमन करता हूँ।
- जाप की विधि: इसका जाप प्रतिदिन सुबह और शाम 108 बार रुद्राक्ष या तुलसी की माला से करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
2.श्याम गायत्री मंत्र (Gayatri Mantra)
गायत्री मंत्र किसी भी देवता का सबसे शक्तिशाली मंत्र माना जाता है। इस मंत्र का जाप करने से बुद्धि और ज्ञान में वृद्धि होती है तथा सभी कार्य सिद्ध होते हैं।
ॐ मोर्वी नन्दनाय विद्महे,
श्याम देवाय धीमहि,
तन्नो बर्बरीक प्रचोदयात्।
- अर्थ (Meaning): हम मोर्वी के पुत्र को जानते हैं, हम श्याम देव का ध्यान करते हैं, वह बर्बरीक हमें प्रेरित करें।
- जाप की विधि: यह मंत्र विशेष रूप से ध्यान (Meditation) और एकाग्रता के लिए उत्तम है।
khatu shyam aarti in hindi lyricvs
- 1. खाटू श्याम जी की आरती करने का सबसे उत्तम समय क्या है?
खाटू श्याम जी की आरती करने का सबसे उत्तम समय सूर्योदय के बाद (सुबह) और सूर्यास्त के समय (शाम) होता है। हालांकि, भक्त किसी भी समय श्रद्धा और सच्चे मन से आरती कर सकते हैं।
- 2. आरती करने से क्या लाभ होता है?
श्री खाटू श्याम जी की आरती करने से मन को शांति मिलती है, घर में सुख-समृद्धि का वास होता है, और बाबा श्याम अपने भक्तों के सभी कष्ट और संकट दूर करते हैं। इसे “हारे का सहारा” कहा जाता है।
- 3. खाटू श्याम जी की आरती में कौन सा मंत्र जपा जाता है?
आरती के साथ जाप करने के लिए सबसे प्रमुख और सरल मंत्र है: “ॐ श्री श्याम देवाय नमः।” (Om Śrī Śyāma Devāya Namaḥ)।
- 4. क्या खाटू श्याम जी की आरती रोज़ करना आवश्यक है?
हाँ, यदि संभव हो, तो खाटू श्याम जी की आरती नियमित रूप से (रोज़) करनी चाहिए। नियमितता से बाबा श्याम की कृपा बनी रहती है और जीवन में सकारात्मकता आती है।